Potential Developed Stock & Reserve – Understand in Hindi & English With Examples To Avoid Confusion

Written By Avinash Sharan

29th July 2020

4 TERMS TO HELP CHILDREN DEAL EFFECTIVELY WITH CONFUSION:

Potential, Developed, Stock and Reserve often create confusion in Geography.

Confusion is inevitable.

 Everyone has experienced confusion at some point.

For example, sometimes children have difficulty understanding the difference between Potential, Developed, Stock and Reserve.

Perhaps these terms like potential, developed etc are not very clearly mentioned in NCERT book.

But, there are strategies to help smooth the way.

If something seems too confusing or complicated, break it down or add examples that make more sense to you.

The purpose of writing this article is to explain the difference between potential, developed stock and reserve in Hindi with examples.

Read this article only to understand the meaning of potential, developed, stock and reserve.

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 POTENTIAL RESOURCE: Explained in Hindi with examples

Potential का अर्थ होता है क्षमता।

वह resource जिसमे क्षमता तो है मगर हम मज़बूर हैं और उसका उपयोग नहीं कर पा  रहे  हैं।

जैसे मान लीजिये कि आपके पास टी.वी है मगर घर में बिजली (current) या inverter नहीं है।

क्या आप टी.वी. देख पाएंगे ?

अगर नहीं तो क्या इसका मतलब ये हुआ कि टी.वी. कोई काम का नहीं है।

नहीं।

टी.वी में तो क्षमता (POTENTIAL) है आपका मनोरंजन करने की मगर आपके पास उसको चलाने के लिए  बिजली (CURRENT) नहीं है।

इसी प्रकार हम बहुत सारे उदहारण ले सकते हैं जैसे

१) आपके पास कार है पर आपको चलाना नहीं आता।

कार में तो क्षमता (Potential) , कार तो एक रिसोर्स है मगर आपको उसका उपयोग करना नहीं आता।

२. आपके पास एटीएम (ATM) है, पर आपको उसे USE करना नहीं आता ।

Can you answer these questions from Class X Resources & Development

बहुत लोग ये पूछते हैं Sir, क्या POTENTIAL RESOURCE हमें दिखाई देता है ?

Potential Developed Stock & Reserve from Geography chapter 1

Potential Resource: Burning paper from Magnifying Glass

POTENTIAL RESOURCE सिर्फ दिखाई ही नहीं देता बल्कि हम उसकी ताक़त को भी जानते हैं।

उदाहरण के लिए SOLAR ENERGY.

क्या आपने कभी बचपन में लेंस (MAGNIFYING GLASS)  से धूप (SUN) में कागज़ को जलाया है ?

कितने सेकंड लगे जलने में ?

१०, १५, २० सेकण्ड्स.

इसका मतलब ये हुआ कि आपको बचपन में ही पता चल गया कि सूरज की रौशनी में कितनी ताक़त (POTENTIAL) है।

मगर क्या हम सूरज की रौशनी से खाना बना रहे हैं ? नहीं।

क्या सूरज की रौशनी से हमारे घरों में पंखे और बल्ब जल रहे हैं ? नहीं। क्यों ?

आपको समझ आ गया होगा कि सूरज की रौशनी (धूप ) में तो क्षमता है मगर हमारे पास ही टेक्नोलॉजी नहीं है कि हम उसका पूरा-पूरा उपयोग कर सकें।

इसी प्रकार आसमान में  बिजली चमकती है और बर्बाद  हो जाती है।

हमारे पास कोई TECHNOLOGY नहीं है उस एनर्जी को स्टोर करने का।

जबकि हमीं ये पता है कि अगर ये बिजली किसी पेड़ पर गिर जाए तो कुछ ही सेकण्ड्स में पेड़ जलकर राख हो जाएगा।

उसमे इतनी ताक़त है मगर हम जानते हुए भी उसका उपयोग नहीं कर पाते हैं क्योंकि हमारे पास ऐसी कोई TECHNOLOGY नहीं है।

THEREFORE, SOLAR ENERGY, WIND ENERGY, TIDAL ENERGY, GEO-THERMAL ENERGY ALL ARE POTENTIAL RESOURCES.

2. DEVELOPED RESOURCES : 

इसे  ACTUAL RESOURCES भी कहा जाता है।

कभी-कभी परीक्षा में ACTUAL RESOURCES पूछ लेते हैं इसलिए कंफ्यूज (confuse) होने की ज़रुरत नहीं है।

Developed resources या Actual Resources बहुत आसान है और इसे समझने में ज़्यादा परेशानी भी नहीं है।

क्या है DEVELOPED RESOURCE?

वह RESOURCE जिसके बारे में हमें पूरी जानकारी भी है और हमारे पास उसको उपयोग करने की technology भी है।

आज हम उसका उपयोग कर भी रहे हैं। जैसे पानी (water), कोयला (Coal) .

आज हमें पानी और कोयले के बारे में पूरी जानकारी है।

पानी किन पदार्थों से बना है, धरती पर कितना पानी है ?,

साफ़ पानी और गन्दा पानी किसे कहते हैं।

यह कितने तापमान पे बर्फ बन जाता है ,

कितने तापमान पे boil होता है ,

पानी कहाँ -कहाँ पाया जाता है।

हम कैसे इसे पीने, नहाने, खाना बनाने, में  इस्तेमाल  कर सकते हैं।

इससे बिजली भी बना सकते हैं और खेतों में सिंचाई (irrigation) के लिए भी प्रयोग कर सकते हैं।

तो ऐसे रिसोर्सेज को हम डेवलप्ड रिसोर्सेज कहते हैं।

Developed या actual resource वह है जिसके बारे में हमें पूरी जानकारी है और उसको उपयोग करने की टेक्नोलॉजी भी हमारे पास मौजूद है।

3. STOCK:


STOCK क्या है ?

वो चीज़ जो मौजूद तो है मगर हमें ये नहीं पता इसका उपयोग कब और कहाँ होगा।

जैसे , ATMOSPHERE में नाइट्रोजन 78 % तो है मगर हमें नहीं पता कि यह इतनी अधिक मात्रा में क्यों है।

मगर हम ये जानते हैं कि ये भी कोई ज़रूरी गैस है मगर हमारे पास आज कोई टेक्नोलॉजी नहीं है इसे उपयोग करने के लिए।

उदाहरण के लिए :

मान लीजिये आपको घर की सफाई करते वक़्त एक NUT-BOLT मिल जाता है।

आप उसे बेकार समझ कर फेंकना चाहते हैं।

मगर आपकी मम्मी कहती हैं मत फेंक बेटा, कभी काम आएगा।

मम्मी तो ये पता है कि यह काम की चीज़ है मगर ये नहीं पता कि ये कब और किस चीज़ में काम आएगा।

फिर भी मम्मी उसे उठाकर रख देती है।

इसे ही स्टॉक कहते हैं।

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4. RESERVE:

Reserve हम उस resource को कहते हैं जिसका हम उपयोग तो कर रहे हैं ।

मगर कहीं अचानक समाप्त ना हो आये इसलिए कुछ को बचाकर सावधानी पूर्वक खर्च करते हैं।

उदाहरण के लिए :

१. मान लीजिये कि आपके घर में हर महीने 5 kg शक्कर (चीनी ) आता है.

तो आप उसे दो अलग-अलग जगहों पर रखते हैं।

एक छोटा डब्बा जिसमे से शक्कर का उपयोग आप daily करते हैं और एक बड़ा डब्बा जिसमे बाकी बचा हुआ शक्कर रहता है।

जब छोटे डब्बे का शक्कर समाप्त हो जाता है तो आप बड़े डब्बे से निकाल लेते हैं।

इससे आपको पता रहता है कि इस महीने हमने कितना शक्कर उपयोग किया और हमारे पास रिज़र्व में कितना बचा हुआ है।

२. ठीक उसी प्रकार जहाँ-जहाँ भी कोयला पाया जाता है सरकार भी उसे दो हिस्सों में बाँट देती है।

छोटा डब्बा जिसे हम coal mines कहते हैं और बड़ा डब्बा जिसे हम coal reserves कहते हैं।

जब माइंस में कोयला ख़त्म हो जाता है तो reserves में से एक छोटा सा हिस्सा निकालकर नया mines दिया जाता है।

इससे सरकार को ये पता रहता है कि कितना कोयला उपयोग में लाया जा रहा है और

कितना कोयला हमारे पास रिज़र्व में है जिसे हम भविष्य में उपयोग कर सकते हैं।

इसी प्रकार हम और भी शब्द देखते हैं जैसे forest reserve, OIL reserve, mica reserves etc.

NOW, TRY TO UNDERSTAND THE DIFFERENCE BETWEEN POTENTIAL AND DEVELOPED RESOURCES:

POTENTIAL RESOURCES

  1. resources are identified but have not yet been utilized properly.
  2. These are resources will be useful in future when se develop technology.
  3. example: wind energy, Solar energy, Tidal energy, Geo-thermal energy etc.

DEVELOPED RESOURCES

  1. Developed resources are those whose quality, quantity, use and technology is identified.
  2. These are resources which are already developed, and are in use presently.
  3. example: coal, Petroleum, Iron, River etc.

DIFFERENCE BETWEEN POTENTIAL AND STOCK:

POTENTIAL RESOURCE:

1. Resources which are found in a region, but have not been utilized due to lack of technology.

2. Gujarat and Rajasthan have a lot of potential for the development of wind and solar energy.

3. But, we are unable to tap this resource due to lack of technology https://ncert.nic.in/textbook/pdf/jess101.pdf .

STOCK:

1. Materials in the environment, which may be useful to us in future, but we do not have the appropriate technology to access them.

2. Nitrogen present in the atmosphere (we know that Nitrogen is useful but we do not know the use of it.

3. water is a compound of two inflammable gases. Hydrogen and Oxygen, which are the two important components to make water.

But we do not have the required technology to use them for this purpose.

RESERVE:

Reserves are the subset of the stock. which are kept to use in future with the help of existing technology.

but their full use has been postponed for meeting the future needs,

e.g., Coal reserves, forest reserves, iron-ore reserves, water in the dams etc.

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