OZONE DEPLETION AND GLOBAL WARMING 2020

Written By Avinash Sharan

28th March 2020

ओजोन डिप्लीशन और ग्लोबल वार्मिंग

OZONE DEPLETION

            OZONE DEPLETION

क्या ओजोन डिप्लीशन (OZONE DEPLETION) और ग्लोबल वार्मिंग (GLOBAL WARMING) में तेज़ी से कमी आ रही है ?
 वायुमंडलीय सुरक्षा कवच कही जाने वाली ओज़ोन परत (OZONE LAYER) और इसके चलते होने वाली वैश्विक तापमान (GLOBAL WARMING) में तेज़ी से सुधार होने के संकेत मिले हैं।
हालाँकि इस ओजोन परत डिप्लीशन (OZONE LAYER DEPLETION) के बारे में भले ही आम लोग ज्यादा न जानते हों, मगर इसके महत्व को नकारा नहीं जा सकता है।
पृथ्वी और वायुमंडल के बीच ये पतली सी परत पर्यावरण को सुरक्षित रखने का काम करती है।
इस परत के क्षतिग्रस्त होने का मतलब वैश्विक तापमान (GLOBAL WARMING) और स्किन कैंसर जैसी बीमारियों में वृद्धि। इस लेख में हम ओजोन डिप्लीशन और ग्लोबल वार्मिंग के बारे में जानेंगे।

क्या है ओजोन परत ? : WHAT IS OZONE LAYER?

पृथ्वी कई वायुमंडलीय परतों से बना है।
सूर्य की किरणे इंसीन वायुमंडलीय परतों से होकर पृथ्वी तक पहुँचती हैं।
इन्हीं परतों के बीच एक पतली से परत है जिसला नाम है ओजोन परत।
यह परत ट्रोपोस्फीयर और स्ट्रेटोस्फियर के बीच पायी जाती है।
इसकी मोटाई लगभग 10 KM तक है।
पृथ्वी से ये लगभग 20 से 30 KM की ऊँचाई तक पायी जाती है।

किसने इस परत की खोज की ? ( WHO DISCOVERED OZONE LAYER ? )

LAYERS OF THE ATMOSPHERE

     LAYERS OF THE ATMOSPHERE

ओजोन परत के बारे में सबसे पहले पता लगाया https://shapingminds.in/ntse-stage-1-geo…ions-for-class-x/ फ्रांस के वैज्ञानिक चार्ल्स फेब्री और हेनरी बुशन ने।
इन दोनों ने मिलकर 1913  में इसकी खोज की।
इन वैज्ञानिकों ने जब सूर्य से आनेवाले प्रकाश का स्पेक्ट्रम देखा तो उनहोंने पाया कि
उसमे कुछ काले रंगके क्षेत्र थे तथा  310 nm से कम वेवलेंथ का कोई भी रेडिएशन पृथ्वी तक नहीं पहुँच रहा था।
 इससे उन्हें ये पता चला कि कोई न कोई तत्त्व तो वायुमंडल  में है जो इसे रोक रहा है।
आगे खोज करने पर पता चला कि वायुमंडल में ओजोन परत है जो इन हानिकारक किरणों को सोख रहा है।
इस प्रकार ओजोन परत की खोज हुई।

ओजोन परत का महत्व : (IMPORTANCE OF OZONE LAYER) :

  1. ओजोन परत (OZONE LAYER) सूर्य से आनेवाली पैराबैंगनी ( ULTRA-VIOLET) किरणों को सोख लेता है
  2. यह मनुष्य , जानवरों और पेड़-पौधों को भी खतरनाक बीमारियों  से बचाता है।

ओजोन परत का निर्माण : ( FORMATION OF OZONE LAYER )

ओजोन परत का निर्माण सूर्य की ही किरणों से होता है।
सूर्य की अल्ट्रा वायलेट किरणे जब ऑक्सीजन (O2) पर गिरती हैं,
 तो ये ऑक्सीजन के दोनों परमाणुओं को अलग कर देती हैं।
इससे ओजोन गैस (O3) का निर्माण होता है।
इसके अलावा सूर्य की किरणों का गाड़ियों से निकलने वाले धूऐं के साथ केमिकल रिएक्शन से भी ओजोन परत को क्षति पहुँचती है।

ओजोन डिप्लीशन और ग्लोबल वार्मिंग के लिए कौन ज़िम्मेदार : (WHO IS RESPONSIBLE FOR OZONE DEPLETION)

POLLUTION LEADS TO GLOBAL WARMING

     GLOBAL WARMING

ओजोन परत को नुक्सान पहुँचाया है मानव द्वारा निर्मित उद्योगों ने।
उद्योगों से निकलने वाले हानिकारक गैस जिससे पर्यावरण में प्रदुषण बढ़ता है , इसके लिए मुख्य रूप से ज़िम्मेदार है।
इनमे अमेरिका , चाइना , भारत और यूरोप के कई देश मुख्य रूप से ज़िम्मेदार हैं।
कई देशो ने उद्योगों में प्रयोग होने वाले हानिकारक रसायनों के प्रयोग पर पाबंदी लगा दी है मगर कुछ देश आज भी इसका धड़ल्ले से प्रयोग कर रहे हैं।
ऐसे उद्योगों के खिलाफ सख्त कार्यवाही होनी चाहिए।
आम जनता को भी इस मामले में जागरूक करना चाहिए।

कब मानते हैं ओजोन दिवस ? ( WHEN IS OZONE DAY CELEBRATED ? )

16 सितम्बर को अंतर्राष्ट्रीय ओजोन दिवस मनाया जाता है।
दिसंबर 2000 को ये फैसला यूनाइटेड नेशंस की जनरल असेंबली में लिया गया।
इसे “INTERNATIONAL DAY FOR THE PRESERVATION OF OZONE” के नाम से भी जाना जाता है।

COVID19 –  लॉक डाउन और ओजोन परत :

दो दिन पहले लिए गए सॅटॅलाइट पिक्चर से ये पता चला है कि अंटार्टिका https://shapingminds.in/बरमुडा-त्रिकोण-the-sea-ghost/ के ऊपर ओजोन परत में इन दिनों तेज़ी से सुधार आया है।
अमेरिका ,चाइना ,भारत और यूरोप के देश ही इसके लिए मुख्य  रूप से ज़िम्मेदार थे।https://youtu.be/uVeTJSIbGm8 इन चारों जगहों में लॉक डाउन की वजह से प्रदूषण का स्तर  तेज़ी से घटा है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि अंटार्टिका के ऊपर ओजोन परत का छेद अब दिखाई देना बंद हो गया है।
अगर ऐसे ही हालत रहे तो इन देशों को आर्थिक नुक्सान तो होगा , मगर पर्यावरण की दृष्टि से ये अच्छा है।
इसका वैश्विक तापमान (GLOBAL WARMING) के ऊपर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा
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क्या आपको लगता है कि COVID 19 और COMPLETE LOCKDOWN का पर्यावरण पर अच्छा प्रभाव पड़ा है ? अपने कमैंट्स नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में ज़रूर लिखें।
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धन्यवाद 

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