सौरमंडल में पृथ्वी Class 6- Geography Chapter 1 With NCERT Solutions In Hindi

सौरमंडल में पृथ्वी Class 6-

Written By Avinash Sharan

5th June 2021

सौरमंडल में पृथ्वी- कक्षा 6 पाठ १ नोट्स, प्रश्नोत्तर एवं प्रतियोगिता परीक्षाओं पर आधारित

सम्पूर्ण सौर्यमंडल में पृथ्वी ही एक ऐसा ग्रह है जिसपे जीवन संभव है। सौर्यमंडल में पृथ्वी एक अनोखा ग्रह है। वैसे तो पूरा का पूरा सौर्यमंडल  ही अपने आप में अनोखा है। सौरमंडल बचपन से ही हम सब के मन में जिज्ञासा और कौतुहल पैदा करता रहा है। सौर शब्द का अर्थ है सूर्य से सम्बंधित। इसलिए सूर्य के परिवार को सौर्यमंडल कहा जाता है। इसी सौर्यमंडल में पृथ्वी की अन्य ग्रहों की स्थिति के अनुसार जन्म कुंडली भी बनाई जाती है What is solar system?

सौरमंडल (SOLAR SYSTEM)

सूर्य से लेकर अंतिम ग्रह के बीच आकाश में जितनी भी चीज़ें पायी जाती हैं,

वे सब मिलकर सौरमंडल का निर्माण करती हैं  ।

इनमे सभी आठ ग्रह, उपग्रह, उल्का पिंड, क्षुद्र ग्रह इत्यादि शामिल हैं।

यह एक परिवार जैसा है जिसका मुख्या सूर्य है। 

क्या आप जानते हैं?

बुध ग्रह सूर्य के सबसे नज़दीक होने के बावजूद वह सबसे गर्म ग्रह नहीं है।
सौरमंडल का सबसे  गर्म ग्रह है शुक्र (VENUS), इसी प्रकार यूरेनस (URANUS) सबसे ठंडा ग्रह है जबकि नेप्चून (NEPTUNE) सौरमंडन में सबसे दूर स्थित है। 

खगोलीय पिंड (CELESTIAL BODIES)

सूर्यचंद्रमा और रात के आकाश में चमकने वाली अन्य सभी वस्तुओं को आकाशीय पिंड कहा जाता है।

चंद्रमातारे और ग्रहों को दिन के समय नहीं देखा जा सकता है क्योंकि सूर्य की तेज रोशनी हमें उन्हें देखने नहीं देती है।

इसे हम एक उदाहरण से समझ सकते हैं।

अगर आपकी आँखों पर तेज़ रौशनी डाली जाय तो आपको थोड़ी देर के लिए कुछ भी नज़र नहीं आएगा।

इसी प्रकार सूर्य की रौशनी इतनी तेज़ होती है कि दिन में चन्द्रमा एवं तारों के आसमान में होने के बावजूद हमें नज़र नहीं आते। 

सितारे (STARS)

सितारे को हम तारा भी कहते हैं।

इनके ऊपर हर वक़्त विस्फोट होता रहता है। 

ये बहुत बड़े और गर्म होते हैं। वे गैसों से बने होते हैं।

उनकी अपनी गर्मी और रोशनी होती हैजिसका वे बड़ी मात्रा में उत्सर्जन करते हैं।

आकाश में करोड़ों तारे हैं जो हमारे सूर्य से भी सैकड़ों गुना बड़े हैं। 

सूर्य हमारे पृथ्वी के सबसे नज़दीक का तारा है।

पृथ्वी पर सूर्य की रौशनी पहुँचने में लगभग 8 मिनट 20 सेकेण्ड लगते हैं। 

रात के आकाश में अनगिनत टिमटिमाते हुए तारे सूर्य के ही समान हैं।

लेकिन हम उनकी गर्मी या रोशनी महसूस नहीं करते हैं,क्योंकि वे हमसे बहुत दूर हैं।

चूंकि वे जलते रहते हैं और हमसे इतने दूर हैं कि हमें टिमटिमाते हुए नज़र आते हैं। 

तारामंडल (CONSTELLATIONS) (सौरमंडल में पृथ्वी- कक्षा 6 पाठ १)

सौरमंडल में पृथ्वी- कक्षा 6 पाठ १ नोट्स, प्रश्नोत्तर एवं प्रतियोगिता परीक्षाओं पर आधारित

विभिन्न तारों के समूह को हम तारामंडल कहते हैं।

ये एक ख़ास आकार बनाते हैं  जिससे इनकी पहचान होती है। 

उदाहरण के लिए आसमान में सात तारों का समूह दिखाई देता है जिसे हम  सप्तऋषि कहते हैं। 

सप्तऋषि सात तारों का एक समूह है जो उरसा मेजर तारामंडल का एक हिस्सा बनाता है।

ध्रुव तारा (The North Star or The Pole Star) उत्तर दिशा को इंगित करता है। यह हमेशा आकाश में एक ही स्थिति में रहता है। 

अगर हम सप्तऋषि के सामने के दो तारों से सीधा उत्तर दिशा की और देखें तो एक चमकता हुआ तारा नज़र आएगा। 

इसे ही ध्रुव तारा कहते हैं।

इस प्रकार हम सप्तऋषि की मदद से ध्रुव तारे का पता लगा सकते हैं।

पुराने ज़माने में रात को नाविक लोग इसी तारे को देखकर दिशा का अंदाज़ा लगाते थे।

क्या आप जानते हैं ?

1884 में अंतरिक्ष में जानेवाले पहले भारतीय थे राकेश शर्मा। 

सूरज (THE SUN(सौरमंडल में पृथ्वी- कक्षा 6 पाठ १)

सूर्य सौरमंडल के केंद्र में है।

यह विशाल है और बेहद गर्म गैसों से बना है। 

इसका खिंचाव  बल (Pulling Force) सौर मंडल को खींच क्र रखता है। 

यह सौरमंडल के लिए ऊष्मा और प्रकाश का एक मात्र स्रोत है।

यह पृथ्वी से लगभग 15 करोड़ किलोमीटर दूर है।

यही वजह है कि इसकी प्रचंड गर्मी हमारे द्वारा इतनी अधिक महसूस नहीं की जाती है।

ग्रह (PLANETS(सौरमंडल में पृथ्वी- कक्षा 6 पाठ १)

ग्रह छोटे-बड़े खगोलीय पिंड हैं जिनका अपना ताप और प्रकाश नहीं होता है।

वे तारों की रोशनी से जगमगाते हैं।

पृथ्वी (The Earth) भी एक ग्रह है।

यह हमारे निकटतम तारे सूर्य से अपनी सारी ऊष्मा और प्रकाश प्राप्त करती है।

हमारे सौर मंडल में आठ ग्रह हैं– बुध (Mercury), शुक्र (Venus)पृथ्वी (Earth), मंगल (Mars), बृहस्पति (Jupiter), शनि (Saturn), यूरेनस (Uranus) और नेपच्यून (Neptune)

क्या आप जानते हैं 

सूर्य एक गैसीय गोला है जिसमे 71% हाइड्रोजन, 26.5% हीलियम एवं 2.5% अन्य तत्व हैं।
पहले ऐसा माना जाता था कि सभी ग्रह सूर्य से ही टूटकर बने हैं लेकिन इसमें कोई सच्चाई नहीं है। 

बुधशुक्रपृथ्वी और मंगल सूर्य के बहुत करीब हैं और चट्टानों से बने हैं।

उन्हें इनर प्लेनेट्स कहा जाता है।

बृहस्पतिशनियूरेनस और नेपच्यून सूर्य से बहुत दूर हैं और गैसों से बने हैं।

उन्हें बाहरी ग्रह कहा जाता है।

बृहस्पतिशनि और यूरेनस के चारों ओर छल्ले हैं।

ये मलबे की बेल्ट हैं।

बुध कोसूर्य का निकटतम ग्रह होने के कारणएक चक्कर पूरा करने में केवल लगभग 88 दिन लगते हैं।

शुक्र को पृथ्वी का जुड़वां‘ माना जाता है क्योंकि इसका आकारप्रकार पृथ्वी के समान है।

वर्ष 2006 तकप्लूटो को भी एक ग्रह माना जाता था। लेकिन फिर इसे बौने ग्रह ( Dwarf Planet) के स्तर पर पदावनत कर दिया गया graho-ko-shubh-kaise-kare

क्या आप जानते हैं ? 

  1. २०१६ में वैज्ञानिकों ने पता लगाया कि बुध ग्रह दिनोदिन छोटा होता जा रहा है।
  2.  मंगल (VENUSS) अपनी कक्ष पर उल्टा (पूरब से पश्चिम) घूमता है। 

पृथ्वी (THE EARTH) (सौरमंडल में पृथ्वी- कक्षा 6 पाठ १)

यह आकार में पाँचवाँ सबसे बड़ा ग्रह है। संतरे के समान पृथ्वी  बीच से फूली हुई और ध्रुवों पर थोडी पिचकी (दबी) हुई  है।

इस  प्रकार के आकार को ना सी हम चूड़ी की तरह गोल (ROUND) कह सकते हैं और ना ही लड्डू की तरह गोलाकार (SPHERICAL)  पृथ्वी के आकार को भूआकृति (Geoid) के रूप में वर्णित किया गया है। 

यह सौर मंडल का एक अनूठा ग्रह है क्योंकि:

जीवन की सहायता करने के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ पृथ्वी पर ही पाई जाती हैं।

यह न तो बहुत गर्म है और न ही बहुत ठंडा ।

इसमें पानी और हवा मौजूद है,जो हमारे अस्तित्व के लिए बहुत आवश्यक हैं।

हवा में ऑक्सीजन जैसी जीवनदायिनी गैसें हैं।

बाहरी अंतरिक्ष सेपृथ्वी नीली दिखाई देती है क्योंकि इसकी दो तिहाई सतह पानी से ढकी है। इसलिए इसे नीला ग्रह(Blue Planet) कहा जाता है।

     उपग्रह (SATTELITE)  

ये खगोलीय पिंड हैं जो ग्रहों के चारों ओर उसी तरह से घूमते हैं जैसे ग्रह सूर्य के चारों ओर घूमते हैं।

एक मानव निर्मित उपग्रह को  ब्रह्मांड के बारे में जानकारी या संचार के लिए बनाया जाता हैं।

कृत्रिम उपग्रह एक रॉकेट द्वारा भेजे जाते हैं और पृथ्वी कक्ष में स्थापित किए जाते हैं।

    चांद (THE MOON) (सौरमंडल में पृथ्वी- कक्षा 6 पाठ १)

चंद्रमा एक उपग्रह है और पृथ्वी के चारों ओर घूमता है।

पृथ्वी का एकमात्र उपग्रह।

इसका व्यास पृथ्वी से केवल एकचौथाई है।

यह इतना बड़ा इसलिए प्रतीत होता है क्योंकि यह अन्य खगोलीय पिंडों की तुलना में पृथ्वी के निकट है।

यह लगभग 27 दिनों में पृथ्वी के चारों ओर घूमता है और एक चक्कर को पूरा करने में ठीक उतना ही समय लेता है।

इसलिएपृथ्वी पर चंद्रमा का केवल तरफ का हिस्सा ही हमें दिखाई देता है।

क्या आप जानते हैं ?

हमारे सौरमंडल में सबसे अधिक ठंडी जगह चन्द्रमा का दक्षिणी हिस्सा है जिसका तापमान -270 डिग्री है। 

इस पर पानी या हवा जैसी जीवन के लिए अनुकूल स्थितियां नहीं है।

इसकी सतह पर पहाड़मैदान और गड्ढ़े हैं ।

चंद्रमा अलगअलग समय परअलगअलग आकार में और अलगअलग स्थिति में दिखाई देता है।

पूर्ण चन्द्रमा एक महीने में केवल एक बार ही देखा जा सकता है।

पूर्णिमा के १४ दिनों के बाद अमावस्या की रात होती है। इस रात  इसे बिल्कुल नहीं देखा जा सकता।

   क्षुद्र ग्रह (ASTEROIDS) 

ये कई छोटे निकाय हैं जो सूर्य जैसे सितारोंग्रहों और उपग्रहों के चारों ओर घूमते हैं।

वे मंगल और बृहस्पति की कक्षाओं के बीच में पाए जाते हैं।

अब प्लूटो की गिनती भी क्षुद्र ग्रह में ही होती है। 

  उल्कापिंड (METEOROIDS) (सौरमंडल में पृथ्वी- कक्षा 6 पाठ १)

उल्का पिंड - टूटा हुआ तारा के रूप में लोग इसी देखकर मन्नत मांगते हैं - सौरमंडल में पृथ्वी

ये चट्टानों के छोटेछोटे टुकड़े हैं जो सूर्य के चारों ओर घूमते हैं।

कभीकभी वे पृथ्वी के वायुमंडल में घुस आते  हैं और गुरुत्वाकर्षण के कारण उस पर गिर जाते हैं।

वैसे तो अधिकाँश उल्का पिंड हवा के साथ घर्षण के कारण वे गर्म होकर हवा में ही जल जाते हैं, जो कभी-कभी हमे टूटा हुआ तारे के रूप में दिखाई देते हैं। 

कभीकभीपूरी तरह से जले बिना उल्का पृथ्वी पर गिरता है और विशाल गड्ढा बना देता है।

जब उस गड्ढे में पानी भर जाता है तो वह झील बन जाता है। 

    गैलेक्सी (GALAXY)

यह अरबों सितारोंधूल और गैसों के बादलों की एक विशाल प्रणाली है।

हमारा सौर मंडल आकाशगंगा गैलेक्सी (The Milky Way) का ही एक भाग है।

इस तरह की लाखों गैलेक्सी ब्रह्मांड (The Universe) का निर्माण करती हैं।

क्या आप जानते हैं ?

ब्रह्मांड में लगभग 100 अरब से भी ज्यादा मंदकिनी (Galaxy) हैं।
आकाशगंगा या मिल्की वे (MILKY WAY) हमारी गैलेक्सी को कहते हैं।
जिसमें हमारा सौर मण्डल स्थित है।

निष्कर्ष (CONCLUSION) : सौरमंडल में पृथ्वी

सौरमंडल में पृथ्वी पाठ को समझना आसान है।
परेशानी होती है इतनी सारी जानकारी याद कैसे करें।
मेरा सुझाव यह है कि अगर आप सिर्फ इसे पढ़ेंगे तो जल्द ही भूल जायेंगे।
मगर पढ़ने के बाद अगर आप घर, परिवार, मित्र के सामने इस पढ़े हुए को दोहराते रहेंगे तो आप कभी भी नहीं भूलेंगे।
इसलिए खा जाता है कि “ज्ञान बांटने से बढ़ता है  “
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सौरमंडल में पृथ्वी- कक्षा 6 पाठ १ – प्रश्नोत्तर

१. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में दीजिये :

प्रश्न 1. ग्रह और तारे में क्या अंतर है ?

उत्तर: ग्रह छोटे-बड़े खगोलीय पिंड हैं जिनका अपना ताप और प्रकाश नहीं होता है। वे तारों की रोशनी से जगमगाते हैं। पृथ्वी (The Earth) भी एक ग्रह है। ग्रहों को हम गिन सकते  हैं और ग्रहों पर हम जा भी सकते हैं। 
 
तारा एक विशाल काय खगोलीय पिंड है जो स्वयं अपना प्रकाश उत्पन्न करता है।  जैसे – सूर्य । तारे अनगिनत होते हैं। हम  नज़दीक नहीं जा सकते। 

प्रश्न 2:सौरमंडल से आप क्या समझते हैं?

उत्तर: ‘सौरमंडल’ का शाब्दिक अर्थ है  ‘सूर्य का परिवार’ । सूर्य इस परिवार का मुखिया है। सूर्य, आठ ग्रह, उपग्रह तथा अन्य खगोलिय पिंड, जैसे क्षुद्र ग्रह और उल्का पिंड ये सभी मिलकर सौरमंडल का निर्माण करते हैं।

प्रश्न 3: सूर्य से उनकी दूरी के अनुसार सभी ग्रहों के नाम लिखो।

उत्तर: सूर्य से उनकी दूरी के अनुसार सभी ग्रहों के नाम हैं – बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस और नेप्च्यून। 

प्रश्न 4: पृथ्वी को अद्भुत ग्रह क्यों कहा जाता है?

उत्तर: पृथ्वी को अद्भुत ग्रह इसलिए खा जाता है क्योंकि

– जीवन की सहायता करने के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ पृथ्वी पर ही पाई जाती हैं।

– यह न तो बहुत गर्म है और न ही बहुत ठंडा ।

– इसमें पानी और हवा मौजूद है,जो हमारे अस्तित्व के लिए बहुत आवश्यक हैं।

– हवा में ऑक्सीजन जैसी जीवनदायिनी गैसें हैं।

प्रश्न 5: हम हमेशा चंद्रमा के एक ही भाग को क्यों देख पाते हैं?

उत्तर: चंद्रमा को पृथ्वी का एक चक्कर लगाने में लगभग 27 दिन कागता है। इतना ही समय इसे अपने अक्ष पर एक चक्कर पूरा करने में भी लगता है। यही कारण है कि हम हमेशा चंद्रमा के एक भाग को ही देख पाते है।

प्रश्न 6: ब्रह्माण्ड क्या है ?

उत्तर: अंतरिक्ष में मौजूद सभी तत्व जैसे- ग्रह, तारे, उपग्रह, आकाशगंगा को सम्मिलित रूप से ब्रहमांड कहते हैं।

२. निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर एक शब्द में दें :

i) किस ग्रह को पृथ्वी का जुड़वा ग्रह कहा जाता है – शुक्र

ii) सूर्य से तीसरा सबसे नजदीक ग्रह कौन है – पृथ्वी

iii) सभी ग्रह सूर्य के चारों ओर किस प्रकार के पथ पर चक्कर लगाते हैं – दीर्घवृताकार

iv) ध्रुवतारे से किस दिशा का ज्ञान होता है – उत्तर

v) क्षुद्र ग्रह किन कक्षाओं के बीच पाए जाते हैं – मंगल और बृहस्पति

३. खाली स्थान भरें :

i)  तारों का एक समूह जो विभिन्न प्रतिरूपो को तैयार करता है, उसे नक्षत्रमंडल कहते हैं।

ii) तारों की एक बहुत बड़ी प्रणाली को आकाशगंगा कहा जाता हैं।

iii)  चंद्रमा पृथ्वी के सबसे करीब है।

iv)  पृथ्वी सूर्य से तीसरा सबसे नजदीक ग्रह है।

v) ग्रहों के पास अपनी प्रकाश तथा उष्मा नहीं होती है।

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