जगन्नाथ  मंदिर – कुछ रोचक तथ्य

Written By Avinash Sharan

4th July 2019

जगन्नाथ  मंदिर  

भारत के चार धामों में सबसे पुराना धाम है जगन्नाथ धाम जिसका ज़िक्र स्कन्धपुराण, नारदपुराण और पद्मपुराण में भी मिलता है।

जगन्नाथ मंदिर पूरी  दुनिया में श्री कृष्णा का सबसे बड़ा मंदिर है।

आइये जाने इस मंदिर से जुडी कुछ रोचक और रहस्यमयी बातें :

१.  कुम्भ मेले के बाद सबसे अधिक भीड़ उमड़ती है जगन्नाथ पूरी में रथयात्रा के दिन।


२. मंदिर के ऊपर लहरानेवाला झंडा देखने में भले ही एक सामान्य झंडा प्रतीत होता हो लेकिन ऐसा नहीं है।

ये दुनिया का पहला ऐसा झंडा है जो हवा के विपरीत दिशा में लहराता है।

३. यह झंडा इतना भव्य है कि ये शहर के किसी भी कोने से देखा जा सकता है।


४. आमतौर पर मंदिर के गुम्बद पर पक्षी बैठे हुए दिखाई देते हैं लेकिन

इस मंदिर के ऊपर से न तो पक्षी और न ही हवाई जहाज उड़ता हुआ नज़र आता है।


५. ऐसा माना जाता है कि  इस मंदिर के पास से गुजरने वाले हवाईजहाज का रास्ता अपने आप बदल जाता है।


६. यह मंदिर लगभग चार लाख वर्ग फुट में फैला है और इसकी ऊँचाई लगभग २१४ फुट है।


७. इस मंदिर की छाया दिन के किसी भी समय दिखाई नहीं देती या फिर ये कह लीजिये की इसकी छाया  ज़मीन पर नहीं पड़ती।

कुछ अन्य विशेषताएं :

८. इस मंदिर के गुम्बद पर लगा सुदर्शन चक्र अष्टधातु से बना है। 

इसे आप किसी भी कोण (angle) से देखेंगे तो ये हमेशा आपको आपके सामने ही नज़र आएगा.

९ इस मंदिर में रोज़ाना लाखों लोगों का भोजन मिटटी के बर्तन में बनता है और

एक  बार बनने के बाद उस बर्तन को दोबारा इस्तेमाल में नहीं लाया जाता.


१०. मंदिर का झंडा प्रतिदिन बदला जाता है।  झंडा बदलने वाला  व्यक्ति बिना किसी सीढ़ी के २१४ फुट ऊंचे मंदिर पे चढ़ता है और पुराने झंडे को साथ में लेकर उतरता है।

https://shapingminds.in/ganeshji-design-of-a-computer/ऐसी मान्यता है कि अगर एक दिन भी झंडा नहीं बदला गया तो मंदिर १८ वर्षों के लिए बंद हो सकता है।
११ इंदिरा गाँधी और उनके परिवार के किसी भी सदस्य को मंदिर में जाने की इजाजत नहीं है।

दूसरे धर्म  के लोगों को मंदिर में जाने की इज़ाज़त नहीं


१२. थाईलैंड की महारानी को भी सन २००५ में (विदेशी होने के कारण  मंदिर परिसर में प्रवेश करने की इजाजत नहीं दी गयी थी।


१३. स्विट्ज़रलैंड के एक नागरिक ने जगन्नाथ मंदिर  को एक करोड़ ७८ लाख रुपये दान में दिए लेकिन

उसे भी  मंदिर में प्रवेश नहीं दिया गया।


१४ इस मंदिर को पूरी तरह से तहस-नहस करने के लिए कई बार आक्रमण किये गए और लूटा भी गया.


१५. मंदिर की मूर्तियों को बचाने के लिए एक बार उसे ओडिसा से बाहर  हैदराबाद में भी  छुपाया गया।


१६. आम तौर पर समुद्र के किनारे हवा दिन में समुद्र से ज़मीन की तरफ और शाम को ज़मीन से समुद्र की और लेकिन

पूरी में ठीक इसके विपरीत होता है।


१७. प्रतिदिन लगभग २०००० लोग मंदिर में दर्शन के लिए आते और प्रसाद के रूप में भोजन ग्रहण करते हैं लेकिन

आजतक यहाँ अन्न की कमी नहीं हुई।

अन्नपूर्णा भण्डार – रसोई

१८ इस मंदिर की रसोई देखने लायक है। https://shapingminds.in/vaishnodevi-shikshaprad-yatra/ इसमें मिटटी की

सात हांड़ी को एक के ऊपर एक रखकर भोजन बनाया जाता है जिसमे सबसे पहले ऊपर वाली हांड़ी का भोजन बनकर तैयार होता है।


१९. इस मंदिर में अन्न का भंडार ज़मीन के नीचे (UNDERGROUND) है। इसे इस प्रकार बनाया गया है कि

समुद्र की  लहरों  की आवाज़ हज़ारों सांप के फुफकारने की तरह सुनाई देती है जिससे चूहे भी अन्न के भंडारतक नहीं पहुँच पाते।

खजाने का रहस्य:

२०.  जगन्नाथ के मंदिर में जो खजाना मिला है कि उसके सामने दुनिया के सबसे अमीर लोगों की दौलत भी कम पड़ जाए।

इतने बड़े खजाने से कई साल तक कई मुल्कों की अर्थव्यवस्था चलाई जा सकती है।

जगन्नाथ मंदिर के खजाने की जांच करने के लिए

16 मेंबर्स की एक टीम भेजी गई थी और पूरी की पूरी टीम को कड़ी जांच से गुजरना पड़ा था।

खजाने तक पहुंचने से पहले उनकी तीन लेवल की चेकिंग हुई थी।

जगन्नाथ मंदिर का रत्न भंडार 34 साल बाद खोला गया था।

इससे पहले 1984 में मंदिर का ये खजाना खोला गया था

तब जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार के सात खजानों में से केवल तीन खजाने खोले गए थे।

 बंद कमरों के अंदर से सांपों की फुफकार जैसी आवाज सुनाई पडी थी और टीम फौरन बाहर आ गयी थी। 

२१. रथयात्रा के दिन वर्षा अवश्य होती है। 

 हो सकता है कि इनमे से कई बातों की जानकारी आपको पहले से ही हो लेकिन

भारत के उत्तरी, पश्चिमी और दक्षिणी राज्यों में रहने वालों को इस अद्भुत और खूबसूरत मंदिर की जानकारी न हो। 

आपके माध्यम से ये जानकारी उन लोगों तक भी पहुँचाई जा सकती है . 

 

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