पाकिस्तान अब चाइना को गधे बेचेगा (हिंदी व्यंग्य)

Written By Avinash Sharan

14th April 2019

पाकिस्तान अब चाइना को गधे बेचेगा

(हिंदी व्यंग्य)

द डील इस फाइनल

                   एक गधे की कीमत तुम क्या जानो इमरान बाबू

पाकिस्तान अब  चाइना को गधे बेचेगा।  इस खबर कोअख़बार में पढ़ने के बाद मेरे मन में ये विचार आया कि अगर ये खबर सही है तो दोनों देशो के बीच फ़ोन पर किस तरह डीलिंग हुई होगी। पढ़िए एक काल्पनिक डील कि किस प्रकार पाकिस्तान अब चाइना को  गधे बेचेगा,,,,

(चीन के राष्ट्रपति और पाकिस्तान के राष्ट्रपति के बीच टेलीफोनिक डील)

पिंग : हेलो खान साहब , मैं पिंग बोल रहा हूँ।
,
इमरान:  (परेशान से) कौन है बे ?

सेक्रेटरी जनाब,अब आप क्रिकेटर इमरान खान नहीं , आप पाकिस्तान के वजीरेआला इमरान खान हैं।
आपको क्रिकेटर वाली भाषा नहीं बोलनी चाहिए।

पिंग ; मैं तुम्हारा दोस्त ज़िंग पिंग बोल रहा हूँ, चीन से।

इमरान : ओ पिंग साहब। अस्सलाम वालेकुम।

पिंग : गुड आफ्टरनून. मुझे आपसे एक मदद चाहिए।

इमरान :(सेक्रेटरी से, धीमी आवाज़ में) कमाल है, चीन को हमसे मदद चाहिए , हमारे पास ऐसा क्या है।

सेक्रेटरी: कहीं उधार के पैसे तो वापस नहीं मांग रहे ?

इमरान : जी ज़नाब , फरमाइए , हम आपकी क्या मदद कर सकते हैं।

पिंग ; ये बताओ , तुम्हारे देश में  कुल कितने गधे हैं ?

इमरान : ( घबराते हुए ) , सॉरी ज़नाब , फुलवामा अटैक हमें हिंदुस्तान पर अभी नहीं करना चाहिए था।  मैंने लड़कों को समझाया था कि  मोदी के रहते अटैक मत करो।  पर आज कल के बच्चे सुनते कहाँ हैं। मैं उनकी तरफ से सॉरी बोलता हूँ ?

पिंग : क्या बोल रहे हो , मैं अटैक के बारे में नहीं , तुम्हारे देश में  गधों के बारे मैं पूछ रहा हूँ।

इमरान : अरे पिंग साहब मैं तो घबरा ही गया था , आपको गधे चाहिए , भिजवा दूंगा , जितने चाहिए उतने भिजवा दूंगा।  हमारे देश मैं तो गधे ही गधे हैं।  जिधर देखो  उधर ही…..  जनाब गधे के प्रोडक्शन मैं हम दुनिया के तीसरे सबसे बड़े देश हैं।

पिंग : जानते हो , वर्ल्ड मैं नंबर वन कौन सा देश है ?

(इमरान खान बड़बड़ाते हुए)

इमरान : भारत ही होगा सा…..

पिंग : नो , चाइना है , फिर भी हमको और गधे चाहिए।  इसलिए आपको फ़ोन किया। मुझे जल्द से जल्द दस लाख गधे भेज दो।

इमरान: जी ज़नाब , …. अगर थोड़ा सा एडवांस भिजवा देते तो …

पिंग : ओ …  नो प्रॉब्लम , आपको पैसे कल मिल जायेंगे

इमरान  : तो फिर ….  मैं आपको गधे कल ही भिजवा देता हूँ।  वैसे आपने बताया नहीं आप इतने गधों का करेंगे क्या ?

पिंग : गधों से हम दवाई बनाएंगे, और उसे पूरी दुनिया में बेचेंगे। 

इमरान : वैसे आप एक गधे का देंगे कितना ?

पिंग : मैं एक गधे का लाखों रुपया देने को तैयार हूँ।  

(इमरान मन ही मन)

इमरान : आश्चर्य से , एक गधे के लाखों रुपये ? आजकल गधे इतने कीमती हो गए हैं।  मुझे तो पता ही नहीं था। 

पिंग : एक गधे की कीमत तुम क्या जानो इमरान बाबू। आजकल पूरी दुनिया में गधों का बहुत डिमांड बढ़ रहा है। https://shapingminds.in/maha-gathbandhan-ka-sapna/ जिसे देखो वही गधा ढूंढ रहा है। 

इमरान : अच्छा, मैं आज ही अपने देश में गधों की फैक्ट्री खुलवाऊंगा।  वैसे भी गधा शांतिप्रिय होता है और अब मुझे थोड़ी सी शांति चाहिए। 

पिंग : आप गधे बनाइये और मैं आपसे गधे खरीदूंगा।  द डील इस फाइनल। 

इमरान: O.K. पिंग साहब।   सेक्रेटरी,  पूरे  देश में गधों की फैक्ट्री खुलवा दो और पिंग साहब के लिए दस लाख गधे पैक कर दो। आखिर गधे ही हमारे देश को क़र्ज़ से बाहर  निकालेंगे। 

सेक्रेटरी : मुझे तो पहले से ही पता था…https://shapingminds.in/मैडम-को-apple-की-स्पेलिंग-नहीं-आ/ 

मेरे भरोसे पाकिस्तान

सबलोग मुझे ही गधा क्यों समझते हैं ?

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